बसंत पंचमी कब हैं | बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती हैं | वसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी कब हैं | बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती हैं | वसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी 2023 कब हैं | वसंत पंचमी का महत्व | बसंत पंचमी पर निबंध हिंदी में | बसंत पंचमी पर कविता हिंदी में | बसंत पंचमी क्या हैं और कैसे मनाई जाती हैं

आज इस Article के द्वारा बसंत पंचमी क्या हैं हिंदी में, बसंत पंचमी पर कविता हिंदी में, बसंत पंचमी पर निबंध हिंदी में, बसंत पंचमी का वैज्ञानिक आधार, बसंत पंचमी का इतिहास, Basant Panchami Essay In Hindi, Basant Panchami Quotes in Hindi, Basant Panchami Status in Hindi, Basant Panchami Shayari in Hindi, Basant Panchami Poem in Hindi एवं वसंत पंचमी की कहानी हिंदी में के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे.

भारत विभिन्न धर्म एवं संस्कृतियों का देश हैं. जहाँ विभिन्न धर्मों की मान्यताओं के अनुसार अनेकों त्यौहार मनाये जाते हैं और यह त्यौहार सभी देशवासी आपसी प्रेम एवं सद्भाव के साथ पूरे हर्षोल्लास से मनाते हैं. उन्ही त्योहारों में से एक हैं बसंत पंचमी का त्यौहार.

 

वसंत पंचमी त्यौहार 2023 - Vasant Panchami Festival 2023 in Hindi

भारत त्योहारों और संस्कृतियों का देश हैं इसलिए देश में हर महीने कोई न कोई पर्व, त्यौहार मनाया जाता रहता हैं, ऐसा ही एक पावन पर्व हैं बसंत पंचमी.

वसंत पंचमी भारत में मनाये जाने वाले त्योहारों में से एक प्रमुख पर्व हैं. बसंत पंचमी पर्व हिन्दू धर्म का एक पावन त्यौहार हैं, जिसे भूटान, नेपाल, पाकिस्तान सहित विश्व के सभी देश जहाँ हिन्दू धर्म को मानने वाले निवास करते हैं बहुत ही उत्साह से मनाते हैं.

वैसे भारत में बसंत पंचमी बहुत हर्षोल्लास से मनाया जाता हैं. वर्ष 2023 में बसंत पंचमी कब हैं और वसंत पंचमी क्यों मनाते हैं के बारें में इस लेख के द्वारा जानकारी प्राप्त करते हैं.

यह भी पढ़ें - गुरु रविदास का जीवन परिचय

 

बसंत पंचमी क्या हैं - What is Basant Panchami in Hindi

भारत में मौसमों को छह प्रकार की ऋतुओं में बांटा गया हैं, उनमे से सबसे प्रमुख ऋतु वसंत हैं. वसंत पंचमी से ही वसंत ऋतु की शुरुआत भी होती हैं इसलिए वसंत पंचमी को वसंत ऋतु के आगमन दिवस के रूप में भी मनाया जाता हैं.

बसंत पंचमी का शुद्ध हिंदी नाम वसंत पंचमी हैं परन्तु अधिकांश स्थानों पर इसे सामान्यतः बसंत पंचमी ही बोला जाता हैं. बसंत पंचमी त्योहार प्रत्येक वर्ष माघ माह के पांचवें दिन मनाया जाता हैं और इस दिन महिलाएं पीले रंग का वस्त्र धारण करती हैं.

वसंत पंचमी को श्रीपंचमी, सरस्वती जयंती एवं सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता हैं. वसंत पंचमी होली के 40 दिवस पहले आती हैं और इसी दिन से होलिका की स्थापना भी की जाती हैं.

वसंत पंचमी पर्व प्रमुख रूप से विद्या की देवी माँ सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता हैं. देश के पूर्वी एवं उत्तरी भाग खासकर पश्चिम बंगाल में सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन किया जाता हैं.

माँ सरस्वती को विद्या एवं सुरों (संगीत, कला) की जननी कहा जाता हैं इसलिए इस दिन माँ सरस्वती, पुस्तकों एवं वाद्य यंत्रों की पूजा की जाती हैं. सरस्वती पूजा अथवा सरस्वती देवी जयंती के दिन शैक्षणिक संस्थानों में सरस्वती देवी की पूजा अर्चना बहुत भव्य रूप में की जाती हैं.

यह भी पढ़ें - विश्व सामाजिक न्याय दिवस

 

बसंत पंचमी कब मनाई जाती हैं - When is Basant Panchami celebrated in Hindi

हिन्दू धर्म में सभी त्योहार भारतीय हिंदी कैलेण्डर के अनुसार मनाये जाते हैं. वसंत पंचमी पर्व प्रत्येक वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता हैं.

 

बसंत पंचमी 2023 कब हैं - When is Basant Panchami 2023 in Hindi

दिनांक 25 जनवरी, 2023 दिन बुधवार को दोपहर 12:35 पर पंचमी तिथि प्रारम्भ होगी तथा दिनांक 26 जनवरी, 2023 दिन बृहस्पतिवार को सुबह 10:25 पर पंचमी तिथि समाप्त होगी. इस प्रकार अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार वर्ष 2023 में बसंत पंचमी दिनांक 26 जनवरी, 2023 दिन बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी.

 

वसंत पंचमी क्यों मनाई जाती हैं - Why is Vasant Panchami celebrated in Hindi

भारत में विभिन्न समुदायों हेतु वसंत पंचमी पर्व का महत्व भिन्न भिन्न हैं इसलिए बसंत पंचमी त्योहार क्यों मनाया जाता हैं के पीछे भी अलग अलग कारण हैं.

जिस प्रकार दीपावली पर माता लक्ष्मी एवं श्री गणेश और नवरात्र में माँ दुर्गा एवं कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की जाती हैं उसी प्रकार भारत में वसंत पंचमी पर्व प्रमुख रूप से विद्या की देवी माँ सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता हैं.

देश के पूर्वी एवं उत्तरी भाग खासकर पश्चिम बंगाल में सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन किया जाता हैं. सनातन धर्म में पौराणिक मान्यता हैं कि वसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती का जन्म हुआ था और माँ सरस्वती को विद्या एवं सुरों (संगीत, कला) की जननी कहा जाता हैं इसलिए इस दिन माँ सरस्वती, पुस्तकों एवं वाद्य यंत्रों की पूजा की जाती हैं और ज्ञानी, विद्वान, छात्र एवं कला प्रेमी माँ सरस्वती से आशीर्वाद की कामना करते हैं.

यह भी पढ़ें - Global Hunger Index PDF

 

बसंत पंचमी की कहानी क्या हैं - What is the story of Basant Panchami in Hindi

वसंत पंचमी पर्व की कई पौराणिक कथाएं हैं जिनसे वसंत पंचमी का पौराणिक महत्व के बारें में पता चलता हैं. प्रमुख वसंत पंचमी पौराणिक कथा निम्नवत हैं.

 

देवी सरस्वती की कहानी - Story of Goddess Saraswati in Hindi

ब्रह्मा जी ने ब्रह्माण्ड की संरचना के उपरान्त मनुष्य, पशु, पक्षी एवं वनस्पति की उत्पत्ति की थी. सृष्टि की उत्पत्ति के बाद ब्रह्मा जी ने महसूस किया कि चारो तरफ नीरसता, सन्नाटा, उदासी छाई हुई हैं, तब उन्होंने भगवान् विष्णु से अनुमति लेकर अपने कमंडल से जल छिड़ककर एक देवी को जन्म दिया.

यह देवी ब्रह्मा जी की मानस पुत्री कहलाई और जिन्हें देवी सरस्वती के नाम से जाना जाता हैं. देवी सरस्वती के एक हाथ में वीणा, दूसरे हाथ में पुस्तक एवं अन्य दो हाथों में माला थी.

सरस्वती जी से वीणा वादन के लिए कहा गया और जैसे ही देवी सरस्वती ने वीणा वादन किया तो उसके स्वर से धरती में कम्पन्न होने लगा और मनुष्य, पशु पक्षियों में  वाणी एवं बुद्धि का संचार होने लगा जिससे धरती पर फैली नीरसता, सन्नाटा, उदासी दूर हो गयी.

इसी कारण बसंत पंचमी को सरस्वती जयंती के रूप में मनाया जाता हैं और देवी सरस्वती को बुद्धि एवं ज्ञान की देवी भी कहा जाता हैं.

 

शबरी की कहानी - Shabri's Story in Hindi

पौराणिक कथानुसार रामायण काल में जब रावण ने सीता जी का अपहरण किया था, तब माता सीता ने अपने अपहरण एवं अपहरण मार्ग की जानकारी प्रभु राम को मिल सके, इसके लिए अपने आभूषणों को धरती पर फेक दिया था.

उन्ही आभूषणों की सहायता से श्री राम ने सीता जी को तलाशना शुरू किया था. उसी दौरान भगवान् राम दण्डकारन्य वन में भीलनी शबरी से मिले थे. जहाँ उन्होंने प्रभु श्री राम की अनन्य भक्त शबरी के जूठे बेर बहुत प्रेम भाव से खाकर शबरी के जीवन का उद्धार किया था.

उस दिन बसंत पंचमी का दिन था इसलिए आज भी शबरी माता के मंदिर में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और बहुत धूम धाम से बसंत उत्सव मनाते हैं.

यह भी पढ़ें - UPTET Syllabus in Hindi PDF Download

 

बसंत पंचमी का इतिहास क्या हैं - What is the history of Basant Panchami in Hindi

वसंत पंचमी पर्व की कई ऐतिहासिक कथाएं हैं जिनसे वसंत पंचमी के ऐतिहासिक महत्व के बारें में पता चलता हैं. प्रमुख वसंत पंचमी ऐतिहासिक कथाएं निम्नवत हैं.

 

पृथ्वीराज चौहान की कहानी - Story of Prithviraj Chauhan in Hindi

मुस्लिम शासक मोहम्मद गोरी ने भारत पर 17 बार हमला किया था जिसमे 16 बार उसे हार का सामना करना पड़ा था.

17 वीं बार तराईन के दूसरे युद्ध में मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को हरा दिया और उन्हें बंदी बनाकर अफगानिस्तान ले जाकर बंदी गृह में डाल दिया.

मोहम्मद गोरी को यह पता चला कि पृथ्वीराज चौहान शब्द भेदी बाण चलाने की कला जानते हैं तो उसने पृथ्वीराज चौहान को शब्दभेदी बाण चलाने की कला दिखाने को कहा. उस दिन बसंत पंचमी का दिन था और कला प्रदर्शन के दौरान पृथ्वीराज चौहान ने चंदबरदाई की सहायता से शब्दभेदी बाण के द्वारा मोहम्मद गोरी को मार डाला.

 

वीर हकीकत राय की कहानी - Story of Veer Haqiqat Rai in Hindi

लाहौर निवासी वीर हकीकत ने बसंत पंचमी के दिन बहुत कम उम्र में ही अपने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था.

 

राजा भोज पंवार की कहानी - Story of Raja Bhoj Panwar in Hindi

उज्जैन के महान शासक राजा भोज पंवार का जन्म वसंत पंचमी के दिन हुआ था. राजा भोज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में राज्य में एक बहुत बड़े भोज का आयोजन किया जाता था. यह विशाल भोज वसंत पंचमी को प्रारम्भ होता था जो कि अगले चालीस दिनों तक चलता रहता था. इस भोज में राज्य की पूरी प्रजा भोजन करती थी.

 

गुरु राम सिंह कूका की कहानी - Story of Guru Ram Singh Kuka in Hindi

कूका पंथ की स्थापना करने वाले प्रसिद्द गुरु राम सिंह कूका का जन्म बसंत पंचमी के के दिन हुआ था. गुरु राम सिंह कूका ने समाज के लिए अनेकों कार्य किये थे.

यह भी पढ़ें - CTET Syllabus in Hindi PDF Download

 

वसंत पंचमी कैसे मनाया जाता हैं - How is Vasant Panchami celebrated in Hindi

भारत में विभिन्न प्रान्तों में वसंत पंचमी पर्व भिन्न भिन्न तरीकों से मनाया जाता हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार हिन्दू धर्म के देवी देवताओं का वसंत पंचमी से सम्बन्ध रहने के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में सरस्वती पूजा का आयोजन बहुत धूमधाम से किया जाता हैं.

देश के पूर्वोत्तर हिस्सों में माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित करके ज्ञानी, विद्वान, छात्र एवं कला प्रेमी माँ सरस्वती की पूजा करते हैं और उनसे ज्ञान एवं सद्बुद्धि की कामना करते हैं.

कई हिस्सों में भव्य बसंत मेलों का आयोजन किया जाता हैं साथ ही नदियों में स्नान दान की भी मान्यता हैं.

वसंत ऋतु के समय शीतकालीन ऋतु की फसलें तैयार हो जाती हैं इसलिए किसान इसे समृद्धि के उत्सव के रूप में मनाते हैं.

इस दिन पंजाब में पतंगबाजी की प्रथा हैं, जिसे महाराजी रणजीत सिंह द्वारा प्रारम्भ किया गया था. वसंत पंचमी के दिन पंजाब में खूब पतंगे उड़ाई आती हैं.

यह भी पढ़ें - UP Lekhpal Syllabus in Hindi PDF Download

 

बसंत पंचमी मनाने की आधुनिक परम्परा क्या हैं - What is the modern tradition of celebrating Basant Panchami in Hindi

वर्तमान समय में प्रत्येक त्योहार की तरह बसंत पंचमी पर्व का भी आधुनिकीकरण हो गया हैं. पहले के समय लोग ऋतुओं के राजा बसंत का बेसब्री से इंतज़ार किया करते थे.

प्रकृति और माँ सरस्वती की धूमधाम से पूजा किया करते थे. माँ सरस्वती की मूर्ति क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा तैयार की जाती थी जिससे उन्हें भी रोजगार के अवसर मिलते थे परन्तु आज के समय में मूर्तियों एवं सजावटी सामानों जैसी सभी छोटी बड़ी वस्तुओं का निर्माण बड़े बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा किया जाने लगा हैं.

आधुनिक युग में लोगों की व्यस्तता एवं अन्य कारणों से बसंत पंचमी उत्सव मनाने में रूचि कम होने लगी हैं. आज की युवा पीढ़ी को बसंत पंचमी त्योहार के विषय में सोचना चाहिये और प्राचीन परम्पराओं को जीवित रखने का प्रयास करना चाहिये.

 

वसंत पंचमी का महत्व - Significance of Vasant Panchami in Hindi, Vasant Panchami Importance in Hindi

भारत में वसंत ऋतु को सर्वश्रेष्ठ ऋतु माना गया हैं इसलिए इसे ऋतुओं का राजा भी कहा गया हैं. वसंत पंचमी से ही वसंत ऋतु की शुरुआत भी होती हैं.

वसंत ऋतु में पञ्च तत्व धरती, अग्नि, वायु, जल एवं आकाश संतुलित अवस्था में होते हैं जिसके कारण पेड़ पौधों पर नए पत्ते और कलियाँ लगने लगती हैं और प्रकृति में नई उमंग आ जाती हैं, मौसम सुहावना हो जाता हैं.

पशु पक्षी और इंसानों में एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता हैं. वसंत ऋतु में न अधिक गर्मी होती हैं, न अधिक ठंडक होती हैं और न वर्षा होती हैं इसलिए जिसके कारण इसे सुहानी ऋतु भी कहा जाता हैं.

वसंत ऋतु अध्ययन एवं कला के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है इसलिए ज्ञानी, विद्वानों, छात्रों एवं कला प्रेमियों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण ऋतु हैं.

बसंत पंचमी से कई सारी पौराणिक एवं ऐतिहासिक कथाएं भी जुड़ी हैं. इसी दिन ज्ञान की देवी सरस्वती का जन्म भी हुआ था इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा की जाती हैं, बसंत मेलों का आयोजन एवं नदियों में स्नान दान किया जाता हैं. ऐसे में बसंत पंचमी का महत्व बहुत बढ़ जाता हैं.

यह भी पढ़ें - SBI PO Syllabus in Hindi PDF Download

 

Vasant Panchami FAQ - Basant Panchami frequently asked questions in Hindi

प्रश्न 1 - क्या 2023 में बसंत पंचमी विवाह मुहूर्त हैं?

उत्तर - हाँ वर्ष 2023 में वसंत पंचमी विवाह मुहूर्त हैं.

प्रश्न 2 - बसंत पंचमी पर किसकी पूजा की जाती हैं?

उत्तर - बसंत पंचमी पर देवी सरस्वती एवं शिव जी की पूजा की जाती हैं.

प्रश्न 3 - बसंत पंचमी कौन से माह में मनाई जाती हैं?

उत्तर - बसंत पंचमी जनवरी माह में मनाई जाती हैं.

प्रश्न 4 - बसंत पंचमी त्योहार की शुरुआत किसने की थी?

उत्तर - वसंत पंचमी त्यौहार पौराणिक काल से मनाया जा रहा हैं इसलिए यह बताना कठिन हैं कि बसंत पंचमी त्योहार की शुरुआत किसने की थी.

प्रश्न 5 - वसंत पंचमी का इतिहास कितने वर्ष पुराना हैं?

उत्तर - वसंत पंचमी का इतिहास पौराणिक काल से जुड़ा हैं इसलिए यह बताना कठिन हैं कि बसंत पंचमी का इतिहास कितने साल पुराना हैं.

प्रश्न 6 - बसंत पंचमी में पीले रंग का क्या महत्व हैं?

उत्तर - पीले रंग को बसंत का प्रतीक माना गया हैं.

प्रश्न 7 - वसंत पंचमी पर्व में क्या होता हैं?

उत्तर - सरस्वती देवी की पूजा होती हैं, लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं.

प्रश्न 8 - बसंत पंचमी को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?

उत्तर - बसंत पंचमी को अंग्रेजी में Vasant Panchami कहते हैं.

प्रश्न 9 - बसंत पंचमी के दिन क्या दान करना चाहिये?

उत्तर - वसंत पंचमी को अन्न दान, पुस्तक दान एवं वस्त्र दान करना चाहिये.

प्रश्न 10 - बसंत पंचमी के दिन किस कवि का जन्मदिन मनाया जाता हैं?

उत्तर - बसंत पंचमी के दिन सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला का जन्मदिन मनाया जाता हैं.

प्रश्न 11 - वर्ष 2023 में बसंत पंचमी किस दिन व तारीख को हैं?

उत्तर - वर्ष 2023 में बसंत पंचमी दिनांक 26 जनवरी, 2023 दिन बृहस्पतिवार को हैं.

यह भी पढ़ें - ICC T20 World Cup Schedule PDF

 

Conclusion

मुझे उम्मीद हैं कि आज के Article बसंत पंचमी कब हैं और क्यों मनाई जाती हैं in Hindi पसंद आया होगा.

आज के Article में आपने वसंत पंचमी कब मनाई जाती है in Hindi, बसंत पंचमी क्यों मनाया जाता हैं in Hindi, वसंत पंचमी का इतिहास क्या हैं in Hindi, वसंत पंचमी  कैसे मनाया जाता हैं in Hindi, बसंत पंचमी का महत्व in Hindi, बसंत पंचमी की कथाएं in Hindi, बसंत पंचमी पर कविता हिंदी में, बसंत पंचमी पर निबंध हिंदी में, बसंत पंचमी का वैज्ञानिक आधार, Basant Panchami Essay In Hindi, Basant Panchami Quotes in Hindi, Basant Panchami Status in Hindi, Basant Panchami Shayari in Hindi, Basant Panchami Poem in Hindi के बारें में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की हैं.

यदि आपको What is Vasant Panchami in Hindi Full Information के सम्बन्ध में कोई सुझाव देना हो तो Comment कीजिये एवं Article वर्ष 2023 में बसंत पंचमी कब हैं in Hindi को अधिक से अधिक लोगों को Share कीजिये.


Post a Comment

0 Comments